गीतिका शर्मा सुसाइड केस का मुख्य आरोपी गोपाल कांडा हुआ सजा से बरी, गीतिका का भाई इस फैसले को सुन गया सदमे में

गीतिका शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में गोपाल कांडा के साथ कंपनी के मैनेजर अरुणा चडुा को भी आरोपी ठहराया।

आज से करीब 11 साल पहले बहुचर्चित एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके चलते गोपल कांडा नाम के आरोपी को दोषी करार हुआ था, और उसको सजा हुई थी। हालांकि आज राउंज एवन्यू कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए इस मामले के मुख्य आरोपी जो की हरियाणा के सिरसा से पूर्व विधायक रह चुके गोपाल कांडा और मैनेजर अरुणा चड्ढा को बरी कर दिया है। जबकि वही 11 साल बाद आए इस फैसले को सुन गीतिका का भाई कुछ भी बोलने की सिथ्ति में नहीं रहा, आपको बता दें की करीब 11 साल बाद इस मामले में राउंज एवन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला।

आपको बता दें फैसला आने के बाद जब मीडिया ने गोपाल कांडा से इस मामले में बात करने की कोशिश की तो गोपाल कांडा ने दोनों हाथ जुड़कर मीडिया से इस मामले पर कुछ भी बोलने पर साफ इनकार कर दिया, वही दूसरी तरफ गीतिका के भाई ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा की मैं फिलहाल बात करने की हालत में नहीं हो, मैं सोचूँगा आगे क्या करना है।

क्या है पूरा मामला जानिए

आज से करीब 11 साल पहले तारीख 5 अगस्त 2012 को एक एयर लाइंस में काम कर रही 23 साल की एयर होस्टेज गीतिका शर्मा ने उत्तरी पश्चिमी दिल्ली में मौजूद अपने घर के पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी। वही आत्महत्या की खबर जब पुलिस को मिली तो पुलिस तुरंत इस मामले की जांच में जुट गई, जांच के बीच पुलिस को गीतिका के पास से 1 से 2 पेज का एक सुसाइड नोट मिला जिसमें ये लिखा हुआ था, की गोपाल कांडा और उसकी एक कर्मचारी उसका उड़पीडन करते थे , जिसके चलते उसके पास सुसाइड करने के अलावा और कोई रस्ता नहीं बचा था आगे गीतिका ने लिखा की मैंने अपनी जिंदगी में गोपाल कांडा जैसा घटिया शख्स नहीं देखा जो की हमेशा गलत कामों में ही रहता है।

मैनेजर अरुणा चड्ढा को भी दोषी ठहराया गीतिका ने

गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में आगे लिखा था की, गोपाल कांडा हमेशा लड़कियों के साथ अश्लील हरकत करता है ,ना जाने कितनी लड़कियों को अपनी गंदी नजरों का शिकार बना चुका है, वह हमेशा लड़कियों को प्रातड़ित करता है, साथ ही, हमेशा लड़कियों की ताक में रहता है, इसके अलावा गीतिक ने कॉम्पनी की मैनेजर अरुणा चड्डा को भी दोषी ठहराया है।

गोपाल कांडा मुख्य आरोपी है , गीतिका के सुसाइड में

गीतिका की सुसाइड के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो, पता चला की गीतिका ने कांडा के एयरलाइंस से नौकरी छोड़ दी, उसके बाद उसने दुबई में एमिरेट्स एयरलाइंस में नौकरी लेने का प्रयास कर रही थी, लेकिन गोपाल कांडा ने उस एयरलाइंस को मेल किया और जिसमें लिखा था की जिस लड़की ने तुम्हरे यहा नौकरी के लिए अप्लाइ किया है उसका चरित्र अच्छा नहीं है, यहा तक की इस लड़की के ऊपर धोखाधड़ी का मामला चल रहा है, और अपनी बात को सच करने के लिए गोपाल कांडा ने एक फर्जी लुक आउट नोटिस मेल पर लगाया था।

गीतिका की माँ ने भी आत्महत्या की थी

बता दें सुसाइड नोट में कंपनी की मैनेजर अरुणा चड्डा का नाम देख पुलिस ने अरुणा को भी 8 अगस्त को गिरफ्तार किया था। जबकि 18 अगस्त 2012 को खुद गोपाल कांडा ने अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया था। दरअसल गीतिक एमडीएलआर एयरलाइंस नाम की कंपनी में

एयर होस्टेज थी, और महज तीन साल के अंदर ही गीतिका को गुरुग्राम की कॉर्पोरेट ऑफिस में डायरेक्टर बना दिया गया था। जबकि 6 महीने बाद गीतिका की माँ ने भी आत्महत्या कर ली थी। आपको बता दें इस हत्या का आरोप भी गोपाल कांडा के ऊपर लगा था की आत्महत्या करने के लिए उकसाया था।

2 साल बाद ही गोपाल कांडा को जमानत मिल गई थी

2012 में गिरफ़्तारी के बाद 18 महीने में 2014 में जमानत मिल गई थी, जिसके बाद रोहिणी कोर्ट में 2014 में तय हुए थे, जज एसके सर्वरिया ने आईपीसी की धारा 376,377,306,120b,201,466.468 और 471 के तहत आरोप दर्ज किए गए थे, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने गोपाल कांडा को रेप के आरोपी से बरी करते हुए 376 और 377 आईपीसी की धराए भी हटा दी थी।

इसी भी पढे : यमुना के साथ हिंडन नदी ने भी दिखाया अपना रौद्र रूप, ग्रेटर नोएडा के 6 गाँव आए बाढ़ के चपेट में, फिर बड़ा खतरा

गोपाल कांडा ने ऐसे फँसाया गीतिका को अपने जाल में

दरअसल गोपाल कांडा गीतिका शर्मा पर कुछ ज्यादा ही लटों रहता था सिर्फ 3 साल के अंदर ही गीतिका ट्रेनी से कंपनी की डायरेक्टर की कुर्सी हासिल कर ली उसके बाद से मेहरबानियों का सिलसिला शुरू हो गया था। लेकिन बस कुछ ही दिन तक चला ये सिलसिला उसके बाद गीतिका ने गोपाल और उसकी एयरलाइंस से दूर होती चली गई, उसके बाद दुबई की एयरलाइंस में नौकरी के लिए अप्लाई किया। हालांकि गोपाल कांडा ने अपने अपनी चलाकी से गीतिका को दुबई की एयरलाइंस में नौकरी लेने नहीं दी, साथ ही, गीतिका को दिल्ली आने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद गीतिका दिल्ली लौटी तब भी कांडा उसका पीछा नहीं छोड़ रहा था तो गीतिका को मजबूरन आत्महत्या करने का कदम उठना पड़ा और उसने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version